Marz हर मर्ज की दवा होती है बस आपको खरीदना नहीं पड़ता लोग खुद ही दे जाते हैं कुछ लोग तो होते ही बेईमान है उनको ईमान बेचना नहीं पड़ता खुद ही सरेआम बिक जाते हैं, कुछ तो कुछ तो खुद का दाम भी अच्छा लगाते हैं। धोखा, ऐसी चीज है जो बिना खाए समझ में नहीं आती और वो लोग कहते हैं कि "कैसे विश्वास कराऊं तुमको ये बात मुझे समझ नहीं आती" पांव में ठोकर लगे खून बह जाए तो ही अच्छा है । घर खाली हो तो कोई कुत्ता या टॉमी पाल लो बस दूर रहना इन आस्तीन के सांपो से जो तुमको असहाय करके सहारे के लिए अपनी अहमियत गिनाते हैं कि हर मर्ज की दवा होती है तुमको खरीदना नहीं पड़ता लोग खुद ही दे जाते हैं।।😐😐 -✍️ Santo